द बैनर न्यूज़
पीड़ितों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
फतेहपुर। महिला सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त निर्देश जारी कर रही है, लेकिन जिले में घट रही घटनाएं इन दावों की पोल खोल रही हैं। असोथर थाना क्षेत्र के एक गांव में दिनदहाड़े कुछ दबंगों द्वारा घर में घुसकर महिलाओं पर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, गांव के ही कुछ दबंग घर में अकेली मौजूद महिलाओं पर अवैध असलहे और हथियारों से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि हमलावरों ने मारपीट करते हुए उनके कपड़े फाड़े, अभद्रता की, और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया कि जब बुजुर्ग मां को दबंगों ने पीटना शुरू किया, तो बचाने पहुंची बहू और बेटी पर भी हमला किया गया। किसी तरह उन्होंने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
पीड़िता का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद थाना असोथर पुलिस ने अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की, बल्कि कार्रवाई न होने से दबंगों के हौसले और बुलंद हैं। हमलावर खुलेआम अवैध असलहे लहराते हुए धमकी देते हैं कि हमारी पहुँच ऊपर तक है, पुलिस कुछ नहीं कर सकती।
महिलाओं ने बताया कि आरोपित लोग आए दिन गाली-गलौज, छेड़छाड़ और अभद्र टिप्पणी करते रहते हैं और विरोध करने पर जानलेवा हमला कर दिया गया। इस घटना को लेकर गांव में दहशत का माहौल है। स्थानीय समाजसेवियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकार और पुलिस प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भले ही सजगता के दावे कर रहे हों, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात चिंताजनक हैं। पीड़िता ने कहा है कि अगर उसे या उसके परिवार को कुछ हुआ तो उसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग इस गंभीर प्रकरण में कब तक कार्रवाई करते हैं, या फिर पीड़िता की गुहार एक और फाइल बनकर दब न जाए।

