अंतरराष्ट्रीय 78 वां निरंकारी संत समागम मानव जीवन का सार्थक अर्थ तभी है जब मानव अच्छे कर्म करें

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द बैनर न्यूज़

     निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज
 भोगनीपुर कानपुर देहात। निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने अंतरराष्ट्रीय निरंकारी 78वें वार्षिक संत समागम को संबोधित करते हुए कहा कि मानव शरीर का महत्व तभी है जब मानव अच्छे कर्म करें। सच्चाई के मार्ग पर चले ।समलखा के भोलवाल माजरी स्थित निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में पहले दिन लाखों की संख्या में भक्त अनुवाई पहुंचे। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज दोपहर 1:41 पर समागम स्थल पर पहुंची ।जिनका बैंड बाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि परमात्मा को किसी भी नाम से संबोधित कर सकते हैं जीवन को केवल जीवन का मकसद होना चाहिए सबको प्रभु इस प्रकार बनाया है कि प्रेम का सभी में  बहू बना रहे ।लेकिन देखा जा रहा है कि इंसान एक दूसरे नफरत करने की कोई ना कोई बजट ढूंढ  लेता है हमें प्रेम एकता नम्रता से रहना है निरंकारी मिशन मिल बर्तन का मिशन है। जहां केवल और केवल प्रेम की सिखलाई दी जाती है। निरंकारी समागम में हजारों की संख्या में सेवा दल के महात्मा भक्त महात्माओं की सेवा में लगे हुए हैं ।संत समागम स्थल पर रोजाना लगभग 400 क्विंटल भोजन तैयार किया जा रहा है समागमस्थल में लाइव प्रसारण की भी व्यवस्था की गई है जो संत महात्मा समागम में नहीं पहुंच सकते उनके लिए पंडाल से ही सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई है। जिसके लिए 1000 एक्सपर्ट सुरक्षाकर्मी ड्यूटी लगाई गई है। जगह-जगह एलसीडी टीवी भी लगाए ग ई है ।समागम स्थल पर मरीजों के उपचार के लिए विशेष बंदोबस्त किए गएहै। देश-विदेश से डॉक्टर भी आए हुए हैं विदेश से भी लगभग 15000 संत महात्मा पहुंचे हैं ।सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने प्रथम दिन संत महात्माओं की संगत को निहाल किया ।भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे ।जगह-जगह प्याऊ लंगर की व्यवस्था की गई है। बाहर से आने वाले महात्मा स्वर्ग जैसा नजारा अनुभव कर रहे हैं हर जगह प्रेम ही प्रेम दिखाई दे रहा है।