-कभी भी इलाज के दौरान अचानक से दवा लेना बंद नहीं करना चाहिए
-कोई भी निर्णय अपने डॉक्टर की महत्वपूर्ण सलाह पर मंथन करने के बाद लेना चाहिए
द बैनर न्यूज
कानपुर : नियमित व्यायाम नहीं करने के साथ असंतुलित भोजन के अलावा अनियमित दिनचर्या से अक्सर लोग बीमार पड़ जाते हैं। लेकिन सही समय पर उचित इलाज हो जाए तो आसानी से स्वस्थ भी हो सकते हैं। इस बारे में और विस्तार से चर्चा करते हुए कानपुर की मशहूर सीनियर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर मेनका ने बताया कि हर बीमारी का होम्योपैथिक में कारगर इलाज है पर बस थोड़ा संयम रखने के साथ नियमित दवा लेना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक दवाएं विभिन्न विकारों और लक्षणों के इलाज के लिए उपयोग की जाती हैं, जैसे कि एलर्जी, पाचन संबंधी समस्याएं, दर्द और मानसिक तनाव। होम्योपैथिक दवा के मुख्य उपयोग पर विस्तार से चर्चा करते हुए डॉक्टर मेनका ने बताया कि एलर्जी और श्वसन संबंधी जैसे एलर्जी, अस्थमा और सर्दी-जुकाम जैसे लक्षणों में इसका उपयोग किया जाता है। गौर करने वाली बात यह है कि एसिडिटी, आईबीएस (Irritable Bowel Syndrome) और अन्य पाचन संबंधी परेशानियों और बीमारियों में भी होम्योपैथिक उपचार कारगर साबित होता है।
इन सबके अलावा आम लोगों में अक्सर होने वाली दर्द और शारीरिक समस्याएं भी आसानी से दूर की जा सकती हैं। मस्कुलोस्केलेटल दर्द, माइग्रेन, बवासीर और किडनी स्टोन का भी आसानी से होम्योपैथिक में इलाज सफल और कारगर होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मानसिक और भावनात्मक समस्याएं जैसे अधिक चिंता करना, डिप्रेशन यानी अवसाद और अन्य मानसिक विकारों का भी होम्योपैथिक इलाज से सफल इलाज संभव है। वहीं दूसरी ओर, गर्भावस्था की समस्याएं त्वचा रोग और सर्जरी या प्रसव के बाद रिकवरी प्रक्रिया को तेज करने में भी होम्योपैथिक दवाओं उपयोग किया जाता है।
डॉक्टर मेनका ने बताया कि सबसे जरूरी और ध्यान रखने की बात यह है कि इलाज के दौरान कभी अचानक दवा लेना बंद नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे आपका ठीक हुआ स्वास्थ्य फिर से प्रभावित हो सकता है। अपने डॉक्टर से चिकित्सीय परामर्श के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए।

