महामंडलेश्वर एवं बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद महाराज ने किया फीता काटकर उद्घाटन
क्षेत्रभर से उमड़ा जनसैलाब,जय श्रीराम के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा

पीलीभीत। बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत भमौरा में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा के संगम का प्रतीक 10 दिवसीय श्री रामलीला मेला शनिवार को हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में प्रारंभ हुआ। मेले का शुभारंभ महामंडलेश्वर एवं बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद महाराज ने फीता काटकर किया। इस दौरान जय श्रीराम के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा और क्षेत्र के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

शुभारंभ के साथ ही भमौरा ग्राम में सजे रामलीला मैदान में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की भीड़ उमड़ आई। जगह-जगह भगवा झंडों, झालरों और रंग-बिरंगी लाइटों से पूरे क्षेत्र को सजाया गया था। मंच पर रामचरितमानस के अंशों का पाठ कर मंचन प्रारंभ हुआ, तो श्रद्धालु भावविभोर होकर “जय श्रीराम” के उद्घोष में शामिल हो गए।
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि यह मेला वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है, जो अब भमौरा और आसपास के गांवों की पहचान बन चुका है। यह न केवल धार्मिक आयोजन है बल्कि सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द का प्रतीक भी है।
मेले के उद्घाटन अवसर पर स्वामी प्रवक्तानंद महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “श्री रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे जीवन का आदर्श है। श्रीराम के जीवन से हमें मर्यादा, कर्तव्य और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। भमौरा में हर वर्ष यह मेला केवल मनोरंजन का नहीं, बल्कि संस्कारों के प्रचार का भी माध्यम बन चुका है।”उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति और रामकथा से जोड़ना आज समय की आवश्यकता है, और इस दिशा में ऐसे मेले समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहे हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित संतों और गणमान्यजनों का सानिध्य प्राप्त हुआ। मंच पर विराजमान रहें।
महंत हनुमान दास जी (मुड़िया नूरानपुर)
महंत विष्णुदास जी (टनकपुर बूम)
महंत राघवदास जी (पूरनपुर)
बाबा जयरामदास जी
गंगाप्रसाद लोधी जी (पूर्व जिलाध्यक्ष, लोधी सभा)
दिनेश वर्मा जी (जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा)
वरिष्ठ अधिवक्ता जी.एल. वर्मा जी
मेला संचालक अखिलेश शर्मा जी, मेला अध्यक्ष रूपलाल उर्फ पप्पू जी, मेला अध्यक्ष केसरीलाल जी, मेला कमेटी कोषाध्यक्ष हरेंद्र कुमार जी, पूर्व प्रधान श्यामाचरण जी, एवं क्षेत्र के अनेक सम्मानितजन उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर मेले के मंगलमय संचालन की शुभकामनाएँ दीं।
मेला कमेटी ने जानकारी दी कि आगामी 10 दिनों तक प्रतिदिन श्री रामलीला का मंचन किया जाएगा, जिसमें अयोध्या से आए कलाकार प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के जीवन प्रसंगों का सजीव चित्रण करेंगे।
इसके साथ ही भजन-कीर्तन, नृत्य-नाट्य कार्यक्रम, भक्ति गीत प्रतियोगिता, और स्थानीय कलाकारों के सांस्कृतिक प्रस्तुतीकरण भी प्रतिदिन आयोजित किए जाएंगे। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, जादू शो और खानपान के स्टॉल लगाए गए हैं। वहीं महिलाओं के लिए हस्तशिल्प एवं पारंपरिक वस्त्रों की दुकानों ने मेले की रौनक बढ़ा दी है। मेला अध्यक्ष रूपलाल उर्फ पप्पू जी और केसरीलाल जी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा, पेयजल और साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था की गई है। मेला संचालक अखिलेश शर्मा जी ने कहा कि प्रशासनिक सहयोग से यह मेला हर वर्ष अधिक भव्य स्वरूप लेता जा रहा है। उद्घाटन के बाद जब भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और सीता की झांकी निकाली गई, तो पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण व्याप्त हो गया। श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर झांकी का स्वागत किया। रात्रि में मंच पर “सीता स्वयंवर” प्रसंग का भव्य मंचन हुआ, जिसे देखने के लिए दूर-दराज से आए लोग देर रात तक डटे रहे।
गांव के लोगों ने बताया कि यह आयोजन पूरे वर्ष का सबसे बड़ा उत्सव होता है, जिसमें हर उम्र के लोग श्रद्धा और उल्लास के साथ भाग लेते हैं। बच्चों के लिए यह धार्मिक शिक्षा का मंच बन गया है, जबकि बुजुर्गों के लिए यह पुराने मित्रों और रिश्तेदारों से मिलने का अवसर होता है। मेला कमेटी ने बताया कि आने वाले दिनों में “राम वन गमन”, “सुग्रीव मिलन”, “लंका दहन” और “राज्याभिषेक” जैसे प्रसिद्ध प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। अंतिम दिन भव्य शोभायात्रा और प्रसाद वितरण के साथ मेले का समापन किया जाएगा।
संक्षेप में कहा जाए तो भमौरा का श्री रामलीला मेला न केवल धार्मिक आयोजन है बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और श्रद्धा का जीवंत उत्सव बन चुका है।

