महिलाओं ने लिया स्वदेशी को अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का संकल्प
द बैनर न्यूज ब्यूरो
कुशीनगर। नगर पालिका कार्यालय के सभागार में सोमवार को “आत्मनिर्भर भारत संकल्प महिला अभियान” के अंतर्गत एक उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही आत्मनिर्भर भारत की व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करना और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. विजया तिवारी (भाजपा मोर्चा प्रदेश मंत्री) रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि मोनी पांडेय (भाजपा महिला मोर्चा कार्य समिति सदस्य) के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम का संचालन रूपम सिंह ने किया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष चंद्रप्रभा पांडेय, कुशीनगर के पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी, तथा नगर क्षेत्र की समस्त महिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।
महिलाओं में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का जोश

कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष किरण जायसवाल ने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दें, स्थानीय उद्योगों से जुड़ें और अपने क्षेत्र में छोटे-छोटे उद्यमों को विकसित करें। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी समाज और राष्ट्र की नींव सशक्त होगी।
मुख्य अतिथि डॉ. विजया तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं की भूमिका और योगदान को नई दिशा मिली है। “आत्मनिर्भर भारत अभियान” केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जागरण का आंदोलन है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अब समय है कि महिलाएं उपभोक्ता से आगे बढ़कर उत्पादक बनें और स्थानीय बाजार को सशक्त करें।
समाज में परिवर्तन की प्रेरणा
विशिष्ट अतिथि मोनी पांडेय ने कहा कि भारत की आधी आबादी यानी महिलाएं जब आगे बढ़ेंगी, तो देश की प्रगति कई गुना तेज होगी। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे शिक्षा, स्वावलंबन और आत्मविश्वास के बल पर अपने सपनों को साकार करें।
कार्यक्रम की संचालिका रूपम सिंह ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य गांव-शहर की महिलाओं को एक मंच पर लाना है, ताकि वे अपने अनुभव साझा कर सकें और एक-दूसरे से प्रेरणा ले सकें।
संकल्प से सशक्तिकरण की ओर
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से “आत्मनिर्भर भारत का संकल्प” लिया। सभी ने यह प्रतिज्ञा दोहराई कि वे अपने जीवन में स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग बढ़ाएँगी, स्थानीय उद्योगों को सहयोग देंगी और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेंगी।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया। उन्होंने कहा कि यह अभियान उनके जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भरने वाला है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
यह आयोजन महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और आत्मिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।

