द बैनर न्यूज़. सूर्य पाण्डेय
जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज, कानपुर में एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया (API) उत्तर प्रदेश चैप्टर के 42वें वार्षिक अधिवेशन “यूपी एपीकॉन-2025” का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का मुख्य विषय “Redefining Medicine – From Bench to Bedside and Beyond” रखा गया है, जिसका उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान, क्लिनिकल प्रथाओं और व्यवहारिक उपचार विधियों को एक साझा मंच पर लाना है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. ज्योतिर्मय पाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ए.पी.आई., तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. शेखर चक्रवर्ती, पूर्व सचिव-जनरल एवं सदस्य, फैकल्टी काउंसिल, ए.पी.आई. रहे।डॉ. संजय काल, प्राचार्य एवं अधिष्ठाता, जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज तथा सम्मेलन के संरक्षक ने स्वागत भाषण देते हुए कॉलेज की शैक्षणिक उपलब्धियों एवं अनुसंधान प्रगति पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका (सोउवेनीर) तथा “Medicine Update” पुस्तक का विमोचन किया गया। उद्घाटन सत्र में डॉ. संजय टंडन चेयरमैन API UP चैप्टर डॉ. एस.सी. चौधरी सेक्रेटरी डॉ. ऋचा गिरी आर्गेनिसिंग चेयरपर्सन, डॉ. एस. के. गौतम आर्गेनिसिंग सेक्रेटरी डॉ. सौरभ अग्रवाल (कोषाध्यक्ष) सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।सम्मेलन के पहले दिन विविध विषयों पर देशभर के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव एवं अनुसंधान साझा किए।टॉक्सिकोलॉजी सत्र में डॉ. के. के. गुप्ता (BHU) ने स्नेक बाइट के नवीन प्रबंधन पर चर्चा की, वहीं डॉ. अशोक कुमार पन्नू (PGI चंडीगढ़) ने सेल्फॉस पॉइजनिंग के उपचार में हुई प्रगति बताई।हेमेटोलॉजी सत्र में डॉ. आर. के. त्रिपाठी (KGMU) ने पैनसाइटोपीनिया के बदलते स्वरूप पर व्याख्यान दिया तथा डॉ. एल.पी. मीना (BHU) ने पॉलीसाइथीमिया वेरा के आधुनिक दृष्टिकोण पर चर्चा की

न्यूरोलॉजी सत्र में डॉ. हरदीप मल्होत्रा (KGMU) ने मेनिन्जाइटिस प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों पर तथा डॉ. दीप्ति विधा (AIIMS, नई दिल्ली) ने स्ट्रोक उपचार की नवीनतम उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।संक्रामक रोग सत्र में डॉ. शेखर चक्रवर्ती (गुवाहाटी) ने “मलेरिया 2025” पर अपनी प्रस्तुति दी, वहीं डॉ. अनुपम प्रकाश (LHMC, नई दिल्ली) ने “स्क्रब टाइफस अलर्ट पर चेताया।Meet the Masters सत्र में डॉ. कौसर उस्मान (KGMU) ने फ्रेलिटी एवं सार्कोपीनिया पर और डॉ. गौरव गुप्ता (RML लखनऊ) ने लंग कैंसर में टार्गेटेड थैरेपी की भूमिका बताई।
Miscellaneous सत्र में डॉ. मधुर यादव (AIIMS) ने वायु प्रदूषण एवं हृदय रोग के संबंध पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया।कार्डियोलॉजी सत्र में डॉ. आदित्य कपूर (SGPGI) ने ACC Acute Coronary Syndrome Guidelines 2025 की प्रमुख बातें साझा कीं।दोपहर में आयोजित EEG, PFT, Insulin एवं ABPM वर्कशॉप्स में प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिनका संचालन विशेषज्ञों डॉ. सूर्यकांत (KGMU) एवं डॉ. ममता भूषण सिंह (AIIMS) ने किया।
सुव्यवस्थित आयोजन और ज्ञानवर्धक अनुभवआयोजन सचिव डॉ. एस. के. गौतम एवं आयोजन अध्यक्ष डॉ. ऋचा गिरी के नेतृत्व में सम्मेलन का संचालन अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से किया गया।कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. सौरभ अग्रवाल, डॉ. आर. के. वर्मा, डॉ. एम.पी. सिंह, डॉ. आदित्य कुमार, डॉ. ए.सी. गुप्ता, डॉ. बी.पी. प्रियदर्शी, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. रीना सिंह, डॉ. विशाल गुप्ता तथा मेडिसिन विभाग के अन्य समर्पित संकाय सदस्यों का सक्रिय योगदान रहा।सम्मेलन में बड़ी संख्या में चिकित्सकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा नवीनतम चिकित्सा शोध, रोग प्रबंधन और उपचार पद्धतियों की गहन जानकारी प्राप्त की। प्रतिभागियों ने बताया कि सम्मेलन से उन्हें अपने नैदानिक एवं शिक्षण कार्यों में नई दिशा और प्रेरणा मिली।

